This page contains a Flash digital edition of a book.
रहःय उपयािसका म नंबर दो सौ तेरहेेे -राजेश ऽपाठ े


मुंबई के होटल समलड के अपने कमरे म जब अतुल क आंख खुली, सुबह के आठ बज चुके थे। उसके मन म पछली शाम को अपनी ूेिमका डांसर रोमा से हई कहासुनी का अजीब तनाव था। आज ह उसे नागपुर लौटना था। उसने सोचा वापस लौटने के पहले य न रोमा से माफ मांग कर उसे मना





ले। उसके बगैर तो वह पल भर भी नहं रह सकता। यह सोच वह म नंबर 213 क ओर बढ़ चला, जसम रोमा ठहर थी। रोमा जाग गयी होगी यह सोच उसने दरवाजा ठेला। दरवाजा भीतर से य ह लगा


था, थोड़ा जोर देते ह खुल गया। अतुल ने देखा रोमा अभी भी अपने बःतर पर एक तरफ करवट िलए औंधी सोयी है। आमतौर पर वह छह बजे जर उठ जाती है। उसे लगा क उसने उसक आहट पा ली है और ठ कर पड़ है। वह धीरे से बोला-‘कल क गलती के िलए मुझे माफ कर दो रोमा। पता नहं


कल मुझे या हो गया था जो तुम पर बरस पड़ा। दरअसल म नहं चाहता क तुम कहं और फं स जाओ।’ उसक बात का रोमां ने कोई जवाब नहं दया। वह पहले क तरह लेट रह। अतुल को लगा क रोमा उससे बेहद नाराज है। वह उसके पास गया और उसे हला कर उठाने लगा-‘ रोमा बहत हआ। अब मान भी जाओ। मुझे आज ह नागपुर


ु ु


लौटना है। म नहं चाहता क तुह इस तरह नाराज छोड़ कर जाऊं ।’ यह सोच क रोमा गहर नींद म है उसने उसे दोन हाथ से पकड़ कर सीधा


िलटाने क कोिशश क। ऐसा करते व उसने महसूस कया क उसके दोन हाथ कसी गीली चीज से सन गये ह। उसने अपनी हथेिलयां देखीं, वे खून से रंगी थीं। उसके मुंह से अचानक चीख िनकल गयी। ‘ खून ! खून! ’इसके बाद रोमा के शरर से खसक गयी साड़ ठक करते व अचानक उसक नजर उसके सीने पर धंसे चाकू पड़ गयी। वह िचलाया-‘खून! खून! कसी ने रोमा का खून कर दया।’ उसी व वहां वेटर चाय क शे लेकर आ गया। उसने अपने सामने रोमा क लाश


और खून से सने हाथ िलये अतुल को देखा तो-‘ खून! खून! कसी ने रोमा मैडम का खून कर दया।’ िचलाता हआ उलटे पैर वापस भागा।


ु शोरगुल सुन कर रोमा का सेबे टर राके श व आसपास के कमर म ठहरे दसरे ू


लोग बाहर आ गये। राके श म नंबर-213 क ओर लपका। वहां जाकर उसने जो कुछ देखा उससे दंग रह गया। रोमा क लाश बःतर पर थी और उसके सामने खून सने हाथ िलए अतुल बलख रहा था।


Page 1  |  Page 2  |  Page 3  |  Page 4  |  Page 5  |  Page 6  |  Page 7  |  Page 8  |  Page 9  |  Page 10  |  Page 11  |  Page 12  |  Page 13  |  Page 14  |  Page 15  |  Page 16  |  Page 17  |  Page 18  |  Page 19  |  Page 20  |  Page 21  |  Page 22  |  Page 23  |  Page 24  |  Page 25  |  Page 26  |  Page 27  |  Page 28  |  Page 29  |  Page 30